Monday, 24 June 2024
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Rocket Yoga: Cardio करके अपने शरीर को थका देने के बजाय, Rocket Yoga करें और जल्दी से वजन कम करें

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आप जानते ही होंगे कि Cardio जैसी एक्सरसाइज हम अपने शरीर के वजन को कम करने और कैलोरी बर्न करने के लिए करते हैं लेकिन इस गर्मी में कार्डियो करना बहुत अच्छा नहीं होता इससे हमें पानी की कमी या चक्कर आने जैसी समस्या हो सकती है।

इसे बचने और अपने वजन को कम करने के लिए “Rocket Yoga” जो cardio से अच्छा है और आपका वजन जल्दी कम करने में मदद करता हैं। पूरा जानने के लिए पढ़े हमारा आर्टिकल

Rocket Yoga क्या है और इसका नाम कहां से आया?


रॉकेट योगा का उद्भव इसके Founder Larry Shultz द्वारा उनके गुरु K. Pattabhi Jois द्वारा स्थापित अष्टांग योग की परंपराओं में से रॉकेट योगा बना है।

रॉकेट योग पारंपरिक अष्टांग योग का एक आधुनिक रूप है जिसमें शरीर के आठ अंगों से जमीन को स्पर्श करते हैं इसलिए इसे अष्टांग योगा कहते हैं। इस योग को करते वक्त शरीर रॉकेट की तरह आसमान में उड़ता है। इसलिए इसे Rocket Yoga भी कहते हैं।

इस आसन में जमीन का स्पर्श करने वाले अंग चिन, चेस्‍ट, दोनों हाथ, दोनों घुटने और दोनों पैर हैं। अष्टांग योग पारंपरिक अष्टांग श्रृंखला (primary series, intermediate series and advanced series) के रूप में जाने जाने वाले आसनों के एक विशिष्ट सीरीज का पालन करता है। इस अभ्यास में सूर्य नमस्कार शामिल है।

रॉकेट योगा कैसे किया जाता है?


रॉकेट योगा को के इस तेज़-तर्रार, गतिशील रूप को तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है। क्लास 75 मिनट लंबी होती हैं।

इसमें 142 आसन होते हैं, जिसमें वार्म-अप के लिए सूर्य नमस्कार (सूर्यनमस्कार) A और B और फिर 66 खड़े और बैठे हुए आसन होते हैं, जो पारंपरिक समापन श्रृंखला के साथ समाप्त होते हैं।

The categories are:

रॉकेट सीरीज I: यह अष्टांग योग की प्राथमिक श्रृंखला के जैसा है, और इसमें मयूरासन जैसे विशेष भुजा संतुलन और शोल्डरस्टैंड पोज़ जैसे आसन शामिल हैं।

रॉकेट सीरीज II: यह अष्टांग योग की इंटरमीडिएट सीरीज का मॉडिफाइड वर्शन है जिसमें सुप्त वज्रासन जैसे आसन शामिल हैं।

रॉकेट सीरीज III: यह रॉकेट I और रॉकेट II का तेज़ गति वाला मिश्रण है, इसलिए इसे अक्सर ‘हैप्पी आवर’ के रूप में जाना जाता है।

रॉकेट योगा में आते आसान के नाम


अष्टवक्रासन, बकासन, वृश्चिकासन, मयूरासन, सलम्ब शीर्षासन, पूर्वोत्तानासन, बद्ध कोणासन, सुप्त कोणासन, उभय पादंगुष्ठासन, सेतु बंधासन, उर्ध्व धनुरासन, पश्चिमोत्तानासन, एक पाद राज कपोत्तासन, गोमुखासन, पसासन, क्रौंचासन, शलभासन, धनुरासन, सुप्त वीरासन, उष्ट्रासन, बालासन, कपोत्तासन ए और बी, उर्ध्व धनुरासन, हस्त-स्तंभ, पैर फैलाकर खड़ा होना, पिंचा मयूरासन, भारद्वाजासन, अर्ध मत्स्येन्द्रासन, मयूरासन, नक्रासन

रॉकेट योग करने के क्या लाभ हैं?


वजन घटाना: रॉकेट योग एक कार्डियो वर्कआउट के रूप में कार्य करता है, जो कैलोरी जलाकर वजन घटाने में सहायता करता है और शरीर की पोस्चर और गतिविधि के स्तर में सुधार करता है।

हृदय स्वास्थ्य: रॉकेट योग का नियमित अभ्यास स्वस्थ रक्त सर्कुलेशन को बढ़ावा देता है, जिससे दिल का दौरा, स्ट्रोक और हाई ब्लड प्रेशर जैसी हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा कम हो जाता है, साथ ही दिल की धड़कन को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है।

लचीलापन और ताकत: रॉकेट योग लचीलापन और ताकत बढ़ाने के लिए बहुत बढ़िया है। यह अक्सर उम्र के साथ होने वाली अकड़न से निपटने में मदद करता है, साथ ही सांस पर नियंत्रण भी बेहतर बनाता है।

मानसिक स्वास्थ्य: निरंतर ऑक्सीजन प्रवाह सुनिश्चित करके, रॉकेट योग मस्तिष्क में नियमित रक्त सर्कुलेशन में योगदान देता है, मानसिक कल्याण, सतर्कता और सहनशक्ति को बढ़ावा देता है।

योग हमारे शरीर और मन को मजबूत करता है। जब हम योग की बातें करते हैं तो लोग कहते हैं कि हाथ-पैर मोड़कर कोई मुद्रा बनाना कहते हैं। योग कोई हाथ-पर-मोडकर मुद्रा बनाने की चीज नहीं है इसमें कई आगे हैं। जब आप अपने हाथ और पैर को धीरे-धीरे कोई मुद्रा में लेते हैं और अपने सांस को उसके साथ संतुलित बनाते हैं।

जब आप दोनों के साथ अपने मन को उस मुद्रा में लगाते हैं और जब आपका शरीर, मन और आपकी सांस तीनों के साथ और अगर आप शांत जगह पर होते है और आप उस मुद्रा बनाकर उस मुद्रा में थोड़ी देर रहकर जब आप उसमें समन्वय हो जाते हैं और जो ऊर्जा का अनुभव और जो मानसिक शांति का अहसास होता है वह योग है और जब आप कोई चीज इतनी माइंडफुलनेस के साथ करते हैं तो आपको क्या लाभ दे ये आपकी और हमारी सोच के परे हैं।

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