Monday, 24 June 2024
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लोकसभा चुनाव से पहले PM Modi का इंटरव्यू आया सामने, क्यों खास हैं ये इंटरव्यू?

Thanthi TV को दिए इंटरव्यू मैं पीएम मोदी ने राम मंदिर, तमिलनाडु ,Electoral Bond, 400 पार, sengol आदि को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।पीएम जो 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले दक्षिणी राज्य में काफी सक्रिय हैं।

राम मंदिर पर पीएम मोदी


राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बारे में पूछे जाने पर पीएम मोदी ने कहा कि यह बहुत भावनात्मक सवाल था. पीएम मोदी ने कहा, ”मैं रामलला के दर्शन को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता.”

उसमें भी मैंने तय किया कि मैं ये अनुष्ठान खासकर के दक्षिण में प्रभु राम जी के साथ जुड़े हुए जितने स्थान हैं वहां पर समय बिताऊंगा। पार्टी का भी काम करूंगा, सरकार का भी काम करूंगा लेकिन मेरा बाकी का समय स्पिरिचुअल एक्टिविटी में लगाऊंगा। और उस 11 दिन के अनुष्ठान में मैं एक प्रकार से पूरी तरह अंतर्मुख हो चुका था। मेरे मन में यही भाव था। और जब मैं अयोध्या पहुंचा। जब मैं एक-एक कदम चल रहा था। मैं यही मेरे मन में यही मंथन चल रहा था कि मैं प्राइम मिनिस्टर हूं इसलिए यहां जा रहा हूं क्या, या कि मैं भारत का एक नागरिक के नाते जा रहा हूं।

लेकिन जैसे ही रामलला के सामने पहुंचा तो पहले मेरी नजर उनके चरण पर गई और दूसरी मेरी नजर उनकी आंखों पर गई। और वही मैं अटक गया, कुछ पल तो हमें जो पंडित थे, ये करो वो करो लेकिन मेरा ध्यान ही नहीं रहता था, मेरा ध्यान उसी में लग गया। और पता नहीं मेरे मन में जो विचार भाव प्रकट हुए वो ये थे कि रामलाल जी मुझे कह रहे हैं कि अब स्वर्णिम युग प्रारंभ हो चुका है। भारत के दिन आ चुके हैं। भारत आगे बढ़ रहा है। और 140 करोड़ देशवासियों के सपने उनकी आंखों में मैं देख रहा था। और मैं मानता हूं मेरे मन में, मेरे लिए शायद ही शायद ऐसे पल मेरे जीवन में बहुत से प्रवाह रहे हैं। लेकिन वो पल बाद में तो आरती वगैरह जो रिचुअल था वो भक्ति भाव से करता ही था, लेकिन ये जो मैं व्यक्तिगत अनुभूति करता था, वो मैं शब्दों में नहीं बता सकता हूं।

Electoral Bond पर पीएम मोदी ने क्या कहा


मैं पक्का मानता हूं। जो लोग इसको लेकर के आज नाच रहे हैं और गर्व कर रहे हैं, वो पछताने वाले हैं। मैं जरा पूछना चाहता हूं इन सभी विद्वानों को कि 2014 के पहले जितने चुनाव हुए। चुनाव में खर्चा तो हुआ ही होगा ना? बिना खर्चा तो…। कौन एजेंसी है जो वो बता पाए कि भई पैसा कहां से आया था कहा गया और किसने खर्च किया? है क्या? ये तो मोदी ने इलेक्टोरल बॉन्ड बनाया था, इसके कारण आज आप ढूंढ पा रहे हो कि पैसा, बॉन्ड किसने लिया, कहां दिया…वरना तो पहले तो पता ही नहीं था, चुनाव तो खर्चा होता था। आज आपको ट्रेल मिल रहा है, क्योंकि इलेक्टोरल बॉन्ड थे। कोई व्यवस्था पूर्ण नहीं होती, कमियां हो सकती हैं। कमियों को सुधारा जा सकता है। कम से कम इलेक्टोरल बॉन्ड होता तो आपके पास जानकारी होती कि यहां से यहां गया, यहां गया।

पीएम मोदी ने ED और उसके कार्यवाही के बारे मैं क्या कहा


ईडी के संबंध में जो आप कह रहे हैं। क्या ये ईडी हमारी सरकार आने के बाद बना है, नहीं। PMLA का कानून क्या हमने आकर के बनाया, नहीं। पहले से था। अब सवाल ये है कि ईडी ने काम क्या किया है। एक स्वतंत्र एजेंसी है। वो स्वतंत्र रूप से काम कर रही है। ना उसे हम रोकते हैं, ना उसे हम भेजते हैं। उसको स्वतंत्र रूप से काम करना होगा और कोर्ट के तराजू में उसको सही निकलना होगा। हम इसमें हमारा सीधा संबंध आना ही देना नहीं चाहते।

कांग्रेस के एक एमपी के यहां से 300 करोड़ रुपया मिला। बंगाल में मंत्रियों के घरों से रुपयों के ढेर मिले हैं। अब ये दिखता है तो क्या देश की जनता, ये सब चीजें सहन करने को तैयार है। मैं मानता हूं नहीं है। देश की जनता कहती है बीमारी जानी चाहिए। इनकी गाढ़ी कमाई का पैसा है।

एक तरफ मोदी है, जिसका मंत्र है भ्रष्टाचार हटाओ। दूसरा आपने देखा होगा, ईडी ने जो रेड्स किए हैं। ड्रग्स वाले बहुत बड़ी मात्रा में लोग जेलों में गए हैं। बहुत बड़ा संकट तमिलनाडु के सामने ड्रग्स का आ रहा है और ईडी ने ड्रग्स के खिलाफ भी कार्रवाई की है। बहुत बड़ी मात्रा में मनी लांड्रिंग में ड्रग्स वाले जुड़े हुए हैं। अब कोई मुझे बताए कि हमारे बच्चों को ड्रग्स से बचाना है कि नहीं बचाना है? और वो पैसों का कारोबार के लिए तो ड्रग्स है। उन पैसों के कारोबारियों पर ईडी काम करती है तो इनको पेट में दर्द क्यों हो रहा है जी?

पीएम मोदी ने उनके पसंदीदा दक्षिण भारतीय भोजन के बारे में कहा


जैसे इडली-डोसा पूरी दुनिया में फैल गया. सामान्यतः मुझे उपमा पसंद हैं।

अबकी बार 400 पर PM Modi क्या बोले ?


ये देश की जनता ने तय किया है। मोदी ने तय नहीं किया है। देश की जनता ने तय किया है। क्योंकि देश की जनता को भरोसा हो गया है कि 30 साल स्टेबिलिटी के अभाव में देश का बहुत नुकसान हुआ है। पिछले 10 साल स्टेबिलिटी के कारण देश को बहुत फायदा हुआ है और हर नागरिक को अपने वोट की ताकत समझ में आई है कि मेरे वोट की ताकत है कि मेरे घर का टॉयलेट बनता है। मेरे वोट की ताकत है कि गरीब को खाना मिलता है। मेरे वोट की ताकत है गरीब को दवाई मिल रही है। ये देश के सामान्य मानवी का भरोसा बना है और वह चाहते हैं। यह जनता-जनार्दन का निर्णय है, मोदी तो निमित्त है।

हली बात है। पूरे देश में से हमें जबरदस्त जनसमर्थन मिल रहा है। हमें उनकी आशा, अपेक्षा उस पर खरा उतरने के लिए अपने-आप को हमेशा सज्ज रखना है। मेरा ध्यान उस पर केंद्रित हुआ है।

सेनगोल पर पीएम मोदी ने क्या कहा


जहां तक सेंगोल का सवाल है, देखिये ये बहुत कम लोगों को मालूम है कि भारत की आजादी का सबसे पहला पल जो था, आजादी की पहली पल, कि हां ये आजाद हुई। वो पल इस सेंगोल के साथ जुड़ी हुई है। उसी पल हमारे जो तमिलनाडु के संत हैं सारे, आदिनम। उन्होंने ये सेंगोल दिया था और पंडित नेहरू को यानि एक शासन परिवर्तन का एक राजदंड उनको दिया गया था।

लेकिन उनकी शायद श्रद्धा नहीं होगी, जो भी होगा तो इलाहाबाद के उनके म्यूजियम में पड़ा था और नीचे लिखा था वॉकिंग स्ट्रीट। इतनी बड़ी पवित्र चीज को वॉकिंग स्ट्रीट रखा गया। मेरे ध्यान में ये सारी बातें लाई गई। तो मैंने रिसर्च से कहा कि खोजो कहां पड़ा है, क्या है। तो मुझे वहां से मिला। मैंने आदिनम के सब संत हैं उनसे पूछा सारा। फिर तमिलनाडु में कहां बना था? उस सोनार से पूछा। सारा रिसर्च किया। करीब सालभर रिसर्च किया और मैंने मन बना लिया कि मैं इसको, ये भारत की आजादी का पहला हमारा साक्षी है।

यह हमारी प्रेरणा है। तो जब नई संसद बनेगी, तो उसमें हम उसको प्रतिस्थापित करेंगे। और फिर हम उसको एक कोने में डाल देंगे। ऐसा नहीं है। हमने इसको जीवंत बनाएं। इस बार राष्ट्रपति जी गए, तो पहले सेंगोल चल रहा है। फिर राष्ट्रपति जा रहे हैं। फिर सेंगोल को राष्ट्रपति जी के सामने प्रस्थापित किया जाता है। फिर राष्ट्रपति जी का भाषण शुरू होता है। उसका एक बहुत बड़ा हमने प्रोटोकोल डेवलप किया है।

देश को आजादी की पहली पार्टी को याद रहनी चाहिए। और सेंगोल भारत के अंदर राज व्यवस्था से जुड़ी हुई महान परम्परा है तमिलनाडु की। हमें गर्व होना चाहिए। देश का दुर्भाग्य देखिये कि तमिल के नेता खुद, तमिल के नेता खुद इसका बहिष्कार किया। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है? अगर तमिलनाडु की लीडरशिप तमिल कल्चर, तमिल की हिस्ट्री इस पर गर्व नहीं करेगी तो फिर इतना नुकसान होगा, इसका उनको अंदाज नहीं है।

2047 में विकसित भारत पर पीएम मोदी ने क्या कहा


पहली बात है कि विकसित भारत, इसका मतलब ये नहीं है कि दिल्ली विकसित हो जाए। भारत का हर कोना, भारत का हर नागरिक, वो विकसित भारत का हकदार होना चाहिए। दूसरा, भारत एक फेडरल है, जब मैं गुजरात था तो मेरा मंत्र था, भारत के विकास के लिए गुजरात का विकास। यही फिलॉसफी ले करके मैं वहां काम करता था। और हम सबका सोचना ही होना चाहिए कि विकसित भारत बनाने के लिए हम विकसित राज्य बनाएंगे।

इसलिए पहली बात है विकसित भारत के लिए विकसित तमिलनाडु का संकल्प हर तमिलनाडु के नागरिक को लेना हो। हर तमिलनाडु के नागरिक को देश की तरह ही इसमें जुटना होगा और मेरा मत है कि तमिलनाडु इतना ताकतवर है कि विकसित भारत का सबसे बड़ा ड्राइविंग फोर्स तमिलनाडु बन सकता है।

अन्नामलाई को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?


भारतीय जनसंघ के जमाने से हम पूरे देश में काम कर रहे हैं। तमिलनाडु में भी काम कर रहे हैं और जब म्युनिसपैलिटी में चुनाव लड़ने के लिए हमारे पास ये इंसान नहीं था, कैंडिडेट नहीं था। तब से हम काम कर रहे हैं मेरी पार्टी के चार-चार पीढ़ी तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी या भारतीय जनसंघ की आइडियोलॉजी को लेकर के काम कर रही है। समर्पित भाव से कर रही है। उस परंपरा में नई-नई पीढ़ी आती-जाती है। उसमें अन्नामलाई जी आए हैं। अब ये लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है नौजवानों का।

अपनी ब्राइट करियर छोड़कर के एक इंसान आया। अगर ये लेना-पाना-खाना कुछ बनना होता तो वो डीएमके में चले जाते एआईडीएमके में चले जाते। बहुत बड़ा स्ट्रांग कास्ट बेस भी है। आर्टिकुलेट भी है। उमर भी है, लेकिन उन्होंने चुना रास्ता भारतीय जनता पार्टी का, इसका मतलब इस व्यक्तिगत का एंबिशन से ज्यादा देश का कल्याण और उसमें तमिलनाडु पीछे ना रह जाए उस भूमिका से अन्नामलाई आज काम कर रहे हैं।

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