Monday, 24 June 2024
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भारत की 5 ऐसी जगह जहां भारतीयों को जाना मना है लेकिन विदेशी लोग जा सकते है

देश में कुछ स्थान ऐसे भी हैं जहाँ भारतीय नागरिकों की पहुँच पर प्रतिबंध है, लेकिन विदेशी पर्यटक वहां बिना किसी परेशानी के जा सकते हैं। आइये जानें इन विशेष स्थानों के बारे में।

आज हम आपको भारत की कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहें हैं जिसके बारे में सुनकर आपको आश्चर्य होगा क्योंकि इन जगहों पर भारतीयों को जानें की अनुमति नहीं है लेकिन विदेशी वहां आराम से जा सकते हैं इन जगहों पर पासपोर्ट दिखाने के बाद ही मिलती हैं एंट्रीI उत्तर में हिमाचल से ले कर दक्षिण में तमिलनाडु तक कई ऐसी जगहें जहाँ भारतीयों का प्रवेश वर्जित होता हैI आइये जानें ऐसी जगहों के बारे में

1.फ्री कसौल कैफ़े,हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश के कसौल में स्थित ‘फ्री कसौल कैफे’ के बारे में जानकर आप चौंक जाएंगे कि यहाँ भारतीय नागरिकों को प्रवेश की अनुमति नहीं है। जी हाँ, इस कैफे का संचालन इजराइली लोग करते हैं और उन्होंने भारतीयों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रखा है। एक बार इस कैफे ने एक भारतीय महिला को प्रवेश देने से इनकार कर दिया था। इसके आसपास के क्षेत्रों में भी सभी संकेत बोर्ड इजराइली भाषा हिब्रू में ही लिखे हुए हैं।

2.रेड लॉलिपॉप हॉस्टल,चेन्नई

चेन्नई स्थित रेड लॉलिपॉप हॉस्टल एक अंतराष्ट्रीय स्तर का हॉस्टल है और इस हॉस्टल में भारतीयों को जानें की अनुमति नहीं हैI चेन्नई शहर के सेंटर पर स्थित ये हॉस्टल केवल विदेशियों के लिए रिज़र्व है, और यहाँ पासपोर्ट दिखाने के बाद ही एंट्री होती हैI  

3.फॉर्नर्स ओन्ली,गोवा

गोवा हॉलीडे डेस्टीनेशन के लिए बेहतरीन जगह हैI यहां आकर हर कोई गोवा की नेचुरल खूबसूरती में खो जाना चाहता हैI लेकिन यहां के कुछ बीच ऐसे हैं जहां भारतीयो को जाने की अनुमति नहीं हैI अंजुना बीच एक ऐसा समुद्र तट है जहां आप शायद ही किसी भारतीय को देख सकते हैंI हालांकि इस पर कानूनी प्रतिबंध नहीं हैI  

4.नार्थ सेंटिनल आइलैंड,अंडमान निकोबार

बंगाल की खाड़ी में स्थित अंडमान निकोबार द्वीप समूह के नार्थ सेंटिनल आइलैंड में न सिर्फ भारतीयों के प्रवेश पर प्रतिबन्ध है बल्कि विदेशियों के प्रवेश पर भी प्रतिबन्ध हैI ये सेंटिनल जनजाति का क्षेत्र है और ये जनजाति अब तक विश्व से परिचित नहीं है यहाँ आने वाले लोगों को इस जनजाति द्वारा मार दिया जाता हैI भारत सरकार द्वारा जनजातियों के संरक्षण के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह विनियमन, 1956 जारी किया गया जिसके बाद से इस क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबन्ध है, साथ ही इस क्षेत्र में फोटो क्लिक करना और कोई वीडियो बनाना भी प्रतिबंधित हैI सेंटिनल जनजाति यहाँ आने वाले बाहरी लोगों को अपना दुश्मन समझती है और उन्हें मार डालती हैI   

5.यूनो-इन होटल,बेंगलुरु

बेंगलुरु में 2012 में स्थापित यूनो-इन होटल विशेष रूप से जापानी नागरिकों के लिए खुला था। हालांकि, नस्लीय भेदभाव के आरोपों के कारण इस होटल को जल्दी ही बंद करना पड़ा। इस होटल में भी भारतीय लोगों के जाने पर रोक थीI होटल में केवल जापान के लोग ही जा सकते थेI इसे साल 2012 में बनाया गया थाI

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