Friday, 19 July 2024
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सरकार ने Scam या Spam कॉल करने वालों की रिपोर्ट करने के लिए ‘Chakshu’ पोर्टल लॉन्च किया

सोमवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के जरिए चक्षु पोर्टल और डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) की शुरुआत की। लॉन्च का लक्ष्य नागरिकों को मोबाइल फोन घोटालों से बचाना है।

श्री वैष्णव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि टेलीकम्यूनिकेशन विभाग टेलीकॉम घोटालों के संबंध में जागरूकता को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है। लेटेस्ट इनिशिएटिव , Chakshu Portal, जनता को संचार साथी पोर्टल (www.sancharsathi.gov.in) के माध्यम से साइबर क्राइम्स , फाइनेंसियल फ्रॉड और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने की अनुमति देता है।

पिछले साल मार्च में लॉन्च किए गए इस पोर्टल ने सात लाख खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन की रिकवरी की है। इसके अतिरिक्त, चक्षु पोर्टल वॉलेट पेमेंट्स ,गैस कनेक्शन और जबरन वसूली से जुड़ेटेलीकॉम -संबंधी अपराधों की रिपोर्टिंग करने में सक्षम बनाता है।

टेलीकम्यूनिकेशन विभाग ने भारतीयों के लिए संदिग्ध धोखाधड़ी वाले कम्युनिकेशन की रिपोर्ट करने के लिए एक नई सुविधा शुरू की है। सरकार ने अपनी संचार साथी पहल के हिस्से के रूप में चक्षु पोर्टल पेश किया है। यह नया प्लेटफ़ॉर्म संभावित धोखाधड़ी कॉल और मैसेज की पहचान करने और उन्हें रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Union IT and Communications Minister Ashwini Vaishnav का कहना है कि नया पोर्टल एक “यूजर -फ्रेंडली मंच प्रदान करता है जो ग्राहकों को किसी भी फ्रॉड कम्युनिकेशन की तुरंत रिपोर्ट करने में मदद करेगा, चाहे वह कॉल, SMS या व्हाट्सएप संदेश हो।” तो, मान लीजिए कि आप सोच रहे हैं कि कॉल, मैसेज आदि के माध्यम से होने वाली संभावित धोखाधड़ी गतिविधियों से खुद को सुरक्षित रखने के लिए इस पोर्टल का उपयोग कैसे करें। किसी भी धोखाधड़ी वाले कॉल या मैसेज के लिए चक्षु पोर्टल पर अपनी शिकायत कैसे दर्ज करें।

Chakshu Portal क्या है?

चक्षु पोर्टल Department of Telecommunications (DOT) द्वारा संदिग्ध धोखाधड़ी कम्युनिकेशन , सीधे शब्दों में कहें तो साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए एक नई पहल है। यह सुविधा अब संचार साथी वेबसाइट पर उपलब्ध है।

देश भर के लोग अब साइबर धोखाधड़ी जैसे फर्जी ग्राहक सेवा हेल्पलाइन, बैंक खाते, पेमेंट वॉलेट, गैस कनेक्शन, सरकारी अधिकारियों का बनके ठगने वाले आदि की रिपोर्ट कर सकते हैं। नए चक्षु पोर्टल के साथ, यूजर कॉल, SMS या यहां तक ​​कि के माध्यम से ऐसी साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट कर सकते हैं।

इसके अलावा, DoT ने एक डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म (DIP) भी पेश किया है, जो इस प्रकार की धोखाधड़ी से निपटने के लिए कानून एनफोर्समेंट एजेंसियों, बैंकों और अन्य फाइनेंसियल इंस्टीटूशन्स के साथ जानकारी साझा करने की अनुमति देता है। इसलिए, चक्षु पोर्टल और DIP से देश भर में साइबर धोखाधड़ी का पता लगाने और उसे रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।

चक्षु पोर्टल पर किस प्रकार की फ्रॉड रिपोर्ट की जा सकती हैं?

  1. International नंबरों से आने वाली धोखाधड़ी वाली कॉलों की रिपोर्ट करने के लिए।
  2. यह वेरीफाई करने के लिए कि स्मार्टफोन नया है या पुराना है।
  3. खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने और ढूंढने के लिए।
  4. यदि आपके पास किसी ऐसे नंबर से कॉल आती है जिसे आप नहीं पहचानते हैं और वो आपको परेशान करता हैं तो प्लेटफ़ॉर्म पर इसकी रिपोर्ट करें।

चक्षु पोर्टल पर किस प्रकार की फ्रॉड रिपोर्ट नहीं की जा सकती हैं?

चक्षु सुविधा फाइनेंसियल फ्रॉड या साइबर अपराध के मामलों से नहीं निपटती है। यदि आपने फाइनेंसियल फ्रॉड में पैसा खो दिया है या साइबर अपराध का शिकार हो गए हैं, तो साइबर क्राइम मैं को इसकी रिपोर्ट करें।

चक्षु: नाम के पीछे क्या है?

DoT ने ‘चक्षु’ नाम संस्कृत से लिया, जिसका अर्थ है ‘आंख’। यह पोर्टल यूजर के लिए एक आंख के रूप में कार्य करता है, जिससे उन्हें डिजिटल दुर्घटनाओं पर नज़र रखने और उनसे बचने में मदद मिलती है। यह संदिग्ध एक्टिविटीज पर नज़र रखता है और Department of Telecommunications के साथ मिलके में केंद्रीय agencies, बैंकों और अन्य फाइनेंसियल इंस्टीटूशन्स के साथ सस्पीशियस नंबरों के बारे में रेजिस्टर्ड शिकायतों को साझा करता है।

साइबर धोखाधड़ी या अपराध से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

  1. अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का पासवर्ड हमेशा मजबूत रखें। यानी अपरकेस, लोअरकेस, न्यूमेरिक नंबर और अल्फाबेटिक स्पेशल कैरेक्टर को मिलाकर पासवर्ड बनाएं। जैसे,- @aFeh/28 $1, D@skHa/120$
  2. जब भी कोई आपको पैसे भेजना चाहता है तो UPI पिन की आवश्यकता नहीं होती है। अगर आप पेमेंट करना चाहते हैं तो ऐप में अपना UPI पिन डालें और मैसेज को ध्यान से पढ़ने के बाद पेमेंट करें।
  3. अगर कोई बैंक डिटेल्स मांगने के लिए कॉल, ई-मेल या मैसेज करता है तो उसके साथ कोई भी जानकारी शेयर न करें। ध्यान रखें कि बैंक कभी भी आपसे इस तरह की जानकारी नहीं मांगता है। किसी भी संदेह की स्थिति में बैंक से संपर्क करें.

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