Thursday, 18 July 2024
Trending
लाईफ स्टाइल

तनाव से होनेवाले सिरदर्द को ठीक करने के लिए यह 5 योग आसन करें

दुनिया भर के लोगों में सिर दर्द सबसे आम समस्या है। वैसे तो सिरदर्द के कई कारण हैं, लेकिन तनाव या तनाव इसका एक प्रमुख कारण है। इसे आमतौर पर तनाव सिरदर्द के रूप में जाना जाता है। इस प्रकार का सिरदर्द दुर्बल करने वाला और दर्दनाक हो सकता है, जो रोज़मर्रा की गतिविधियों और उत्पादकता में बाधा डालता है।

एक योग विशेषज्ञ के अनुसार, तनाव सिरदर्द के लिए योग उन्हें प्रबंधित करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। योग मांसपेशियों के तनाव को दूर करने, रक्त सर्कुलेशन को बढ़ाने और विश्राम को बढ़ावा देने में मदद करता है। योग के ये लाभ तनाव सिरदर्द को प्रबंधित करने में मदद करते हैं।

तनाव मैं होनेवाला सिरदर्द क्या है?


सिरदर्द के कई प्रकार हैं, जिनमें माइग्रेन सिरदर्द से लेकर साइनस सिरदर्द तक शामिल हैं। सबसे प्रचलित प्रकार तनाव सिरदर्द या तनाव सिरदर्द हैं। यह आमतौर पर हल्के से मध्यम दर्द का कारण बनता है। मांसपेशियों में जकड़न आपके सिर, खोपड़ी, गर्दन और कंधे के आसपास सबसे अधिक ध्यान देने योग्य होती है। यह तनाव, अवसाद, चिंता और अन्य कारकों के कारण हो सकता है।

तनाव से होने वाले सिरदर्द के लिए योग आसन


1. उत्तानपादासन (दीवार पर पैर रखकर बैठने की मुद्रा):

यह मुद्रा तनाव से राहत के लिए एक योग मुद्रा है क्योंकि यह आपके मन को शांत करने में मदद करती है और मांसपेशियों में तनाव को कम करती है।

इसे करने का सही तरीका:

  • अपनी पीठ के बल लेटकर अपने पैरों को सीधा रखें और उन्हें अपने कूल्हों के ऊपर रखें।
  • आराम करें, अपनी आँखें बंद करें और गहरी साँस लें।
  • इस मुद्रा को कम से कम 30 सेकंड तक या जब तक आप सहज हों, तब तक बनाए रखें।

2. मलासन (माला मुद्रा):

यह मुद्रा एक आगे की ओर झुकने वाला योग आसन है जो विश्राम को बढ़ावा देते हुए हैमस्ट्रिंग और पीठ के निचले हिस्से को खींचता है।

इसे करने का सही तरीका:

  • नीचे बैठ जाएं और अपने पेल्विस को नीचे लाएं तथा उसे अपनी एड़ियों के ऊपर रखें।
  • सुनिश्चित करें कि आपके पैर ज़मीन पर सपाट रहें।
  • आप अपनी हथेलियों को अपने पैरों के पास फर्श पर रख सकते हैं या प्रार्थना मुद्रा में उन्हें अपनी छाती के सामने जोड़ सकते हैं।
  • अपनी रीढ़ सीधी रखें।

3. बालासन (बच्चे की मुद्रा)

यह एक आरामदायक और शांतिदायक योग मुद्रा है जो पूरे शरीर के तनाव को दूर करती है।

इसे करने का सही तरीका:

  • फर्श पर घुटने टेकें और एड़ियों के बल बैठ जाएं।
  • अपनी बाहों को आगे की ओर बढ़ाएं और अपनी छाती को ज़मीन पर टिकाएं।
  • आपका माथा ज़मीन या कुशन पर टिका होना चाहिए।
  • इस मुद्रा में गहरी सांस लें और अपनी गर्दन, कंधों और पीठ से तनाव मुक्त करने पर ध्यान केंद्रित करें।

4. सावित्री आसन

सावित्री आसन एक योग मुद्रा है जो लचीलेपन को बेहतर बनाने में मदद करती है और डीप रिलैक्सेशन और शांति को बढ़ावा देती है।

इसे करने का सही तरीका:

  • वज्रासन / वज्र मुद्रा से शुरुआत करें। सांस लें और अपने घुटनों को कूल्हे की चौड़ाई से अलग खोलें। सांस छोड़ें और अपनी बैठने की हड्डियों को अपनी एड़ियों से ऊपर उठाएँ। अपनी रीढ़ को सीधा करें और अपनी भुजाओं को अपने धड़ के साथ रखें।
  • सांस अंदर लें और अपनी बाहें ऊपर उठाएँ। अपने धड़ और पेट को थोड़ा आगे की ओर धकेलें।जितना हो सके पीछे की ओर झुकने की कोशिश करें। इस मुद्रा में 3-5 लंबी साँसों (30 सेकंड से 60 सेकंड) तक रहें।
  • इस मुद्रा से बाहर आने के लिए, अपनी बाहों को नीचे लाएँ और अपनी रीढ़ को सीधा करें। बालासन / चाइल्ड पोज़ में आराम करें।

5. भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम में गुंजन ध्वनि के साथ गहरी, गूंजती हुई सांस लेना शामिल है, जो विश्राम और तनाव से राहत प्रदान करता है।

इसे करने का सही तरीका:

  • एक शांत, हवादार कोने में सीधे बैठें और अपनी आँखें बंद रखें। अपने चेहरे पर एक सौम्य मुस्कान रखें।
  • कुछ समय के लिए अपनी आँखें बंद रखें। शरीर में होने वाली संवेदनाओं और भीतर की शांति का निरीक्षण करें।
  • अपनी तर्जनी उंगली को माथे पर, मध्यमा उंगली को मध्य कैन्थस पर तथा अनामिका उंगली को नाक के कोने पर रखें।
  • गहरी सांस लें और अपने फेफड़ों में हवा भरें। सांस छोड़ते समय मधुमक्खी जैसी भिनभिनाने जैसी आवाज करें।
  • अपना मुंह पूरे समय बंद रखें और पूरे शरीर में कंपन महसूस करें।

Become a Trendsetter With DailyLiveKhabar

Newsletter

Streamline your news consumption with Dailylivekhabar's Daily Digest, your go-to source for the latest updates.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *